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Tuesday, 25 September 2018

Psychology Notes in Hindi PDF Download


Hello Friends, Today we are share with you Psychology Notes in Hindi Part 8 which is very useful in CTET 2018 UPTET 2018 competitive exams.

Psychology Notes in Hindi PDF Download

Psychology Notes
701. वैयक्तिक भिन्‍नता का प्रमुख आधार है वंशानुक्रम तथा पर्यावरण
702. निम्‍नलिखित कारण व्‍यक्तिगत भेद के हैं, सिवाय शिक्षा व्‍यवस्‍था
703. व्‍यक्तिगत भेद के कारण है वंशानुक्रम और वातावरण
704. वैयक्तिक विभिन्‍नता का कारण है वंशानुक्रम
705. व्‍यक्तिगत भेद का यह कारण नहीं है जनसंख्‍या वृद्धि
706.”व्‍यक्तिगत विभिन्‍नता में सम्‍पूर्ण व्‍यक्तित्‍व का कोई भी ऐसा पहलू सम्मिलित हो सकता है,
707. ”अन्‍य बालकों की विभिन्‍नताओं के मुख्‍य कारणों को प्रेरणा, बुद्धि, परपिक्‍वता, पर्यावरण सम्‍बन्‍धी उद्दीपन की विभिन्‍नताओं द्वारा व्‍य‍क्‍त किया जा सकता है।यह कथन किसका है गैरिसन व अन्‍य का
708. जिसका माप किया जा सकता है।यह कथन किसका हैस्किनर का
709.”विद्यालय का यह कर्तव्‍य है कि वह प्रत्‍येक बालक के लिए उपयुक्‍त शिक्षा की व्‍यवस्‍था करे, भले ही वह अन्‍य सब बालकों से कितना ही भिन्‍न क्‍यों न हो।किसने लिखा हैक्रो एवं क्रो ने
710.”भय अनेक बालकों की झूठी बातों का मूल कारण होता है।यह कथन किस मनोवैज्ञानिक का है स्‍ट्रैंग का
711. प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धिलब्धि होती है – 130 से अधिक
712. असामान्‍य व्‍यक्तित्‍व वाले बालक होते हैं प्रतिभाशाली
713. पिछड़े बालक वे हैं जो किसी बात को बार-बार समझाने पर भी नहीं समझते हैं।
714.”शैक्षिक पिछड़ापन अनेक कारणों का परिणाम है। अधिगम में मन्‍दता उत्‍पन्‍न करने के लिए अनेक कारण एक साथ मिल जाते हैं। यह कथन किसने दिया है कुप्‍पूस्‍वामी ने
715.”कोई भी बालक, जिसका व्‍यवहार सामान्‍य सामाजिक व्‍यवहार से इतना भिन्‍न हो जाए कि उसे समाज विरोधी कहा जा सके, बाल-अपराधी है।यह कथन किसका है गुड का
716. प्रतिभाशाली बालक की विशेषता इनमें से कौन-सी हैसाहसी जीवन पसन्‍द करते हैंखेल में अधिक रुचि लेते हैअमूर्त विषयों में रुचि लेते हैं,
717. बाल-अपराध के प्रमुख कारण है आनुवंशिक कारणशारीरिक कारणमनोवैज्ञानिक कारण
718. समस्‍यात्‍मक बालकोंके प्रमुख प्रकारों में किसको सम्मिलित नहीं करेंगेअनुशासन में रहने वाले बालक को
719. मन्‍दबुद्धि बालक की स्किनर के अनुसार कौन-सी विशेषता हैदूसरों को मित्र बनाने की अधिक इच्‍छाआत्‍मविश्‍वास का अभावसंवेगात्‍मक और सामाजिक असमायोजन
720. प्रतिशाली बालकों की समस्‍या है गिरोहों में शामिल होनाअध्‍यापन विधियांस्‍कूल विषयों और व्‍यवसायों के चयन की समस्‍या

Psychology Notes in Hindi

721. निम्‍नलिखित में समस्‍यात्‍मक बालक कौन है चोरी करने वाले बालक
722. बालकों के समस्‍यात्‍मक व्‍यवहार का कारण नहीं है मनोरंजन की सुविधा
723. वंचित वर्ग के बालकों के अन्‍तर्गत बालक आते हैं अन्‍ध व अपंग बालकमन्‍द-बुद्धि व हकलाने वाले बालकपूर्ण बधिर या आंशिक बधिर
724. प्रतिभावान बालकों की पहचान किस प्रकार की जा सकती है बुद्धि परीक्षा द्वाराअभिरूचि परीक्षण द्वाराउपलब्धि परीक्षण द्वारा
725. पिछड़ा बालक वह है जो – ”अपने अध्‍ययन के मध्‍यकाल में अपनी कक्षा कार्य, जो अपनी आयु के अनुसार एक कक्षा नीचे का है, करने में असमर्थ रहता है।उक्‍त कथन है बर्ट का
726.”कुशाग्र अथवा प्रतिभावान बालक वे हैं जो लगातार किसी भी कार्य क्षेत्रमें अपनी कार्यकुशलता का परिचय देता है।उक्‍त कथन है टरमन का
727. प्रतिभाशाली बालकों की समस्‍या निम्‍न में से नहीं है समाज में समायोजन
728. प्रतिभाशाली बालक होते हैं जन्‍मजात
729. विकलांग बालकों के अन्‍तर्गत आते हैं – नेत्रहीन बालकशारीरिक-विकलांग बालकगूंगे तथा बहरे बालक
730. प्रतिभावान बालकों में किस अवस्‍था के लक्षण शीघ्र दिखाई देते हैं बाल्‍यावस्‍था के
731. विद्यालय में बालकों के मा‍नसिक स्‍वास्‍थ्‍य को कौन-सा कारक प्रभावित करता हैमित्रता
732. मानसिक रूप से पिछड़े बालकों की विशेषता होती है संवेगात्‍मक रूप से अस्थिररुचियां सीमित होती हैनिरन्‍तर अवयवस्‍था का होना।
733. ”वह बालक जो व्‍यवहार के सामाजिक मापदण्‍ड से विचलित हो जाता है या भटक जाता है बाल अपराधी कहलाता है।उक्‍त कथन है हीली का
734. शारीरिक रूप से विकलांग बालक निम्‍न में से नहीं होते हैं  स्‍वस्‍थ
735. सृजनशील बालकों का लक्षण है जिज्ञासा
736. मन्‍द-बुद्धि बालक की विशेषता नहीं होती है, जो कि बुद्धि-लब्धि 105 से 110 के बीच होना।
737. मानसिक रूप से पिछड़े बालकों की पहचान निम्‍न में से कर सकते हैं बुद्धि परीक्षणउपलब्धि परीक्षणमन्‍द बुद्धि बालकों की विशेषताओं को कसौटी मानकर
738.”परामर्श का उद्देश्‍य है छात्र को अपनी विशिष्‍ट योजनाओं और उचित दृष्टिकोण का विकास करने के समाधान में सहायता देना। यह कथन है जे. सी. अग्रवाल का
739. समायोजन मुख्‍य रूप से व्‍यक्ति की आन्‍तरिक शकितयों पर निर्भर होता है, पर्यावरण की अनुकूलता पर निर्भर होता है।
740.”सृजनात्‍मक नई वस्‍तु का सृजन करने की योग्‍यता है। व्‍यापक अर्थ में, सृजनात्‍मक से तात्‍पर्य,नए विचारों एवं प्रतिभाओं के योग की कल्‍पना से है तथा (जब स्‍वयं प्रेरित हों, देसरे का अनुकरण न करें) विचारों का संश्‍लेषण हो और जहां मानसिक कार्य केवल दूसरों के विचार का योग न हो। उपर्युक्‍त कथन है जेम्‍स ड्रेवर का

Psychology Notes in Hindi

742. समस्‍यात्‍मक बालक के लक्षण है विशेष प्रकार की शारीरिक रचना
743. सृजनात्‍मक योग्‍यता वाले बालकों की बुद्धि प्रखर होती है
744. प्रतिभावान बालकों की पहचान किस प्रकार की जा सकती है बुद्धि परीक्षा द्वारा, अभिरूचि परीक्षण द्वारा, उपलब्धि परीक्षण द्वारा
745. निम्‍नलिखित में से विशिष्‍ट योग्‍यता की मुख्‍य विशेषता है विशिष्‍ट योग्‍यता व्‍यक्ति में भिन्‍न-भिन्‍न मात्रा पाई जाती है, इस योग्‍यता को प्रयास द्वारा अर्जित किया जा सकता है।
746. ”किसी व्‍यक्ति को कौन-से विषय पढ़ने चाहिए, कौन-से व्‍यवसाय करने चाहिए, किस क्षेत्र में उसे अधिक सफलता मिल सकती है। अभिरुचि निर्देशन करने के लिए अभिरुचियों के मापन की आवश्‍यकता पड़ती है। अभिरुचि परीक्षण का मुख्‍य अभिप्राय मानवीय पदार्थ का उत्‍तम प्रयोग करना है और अतिशय को रोकनाहै। उपर्युक्‍त कथन है एन. तिवारी का
747. प्रतिभाशाली बालकों की समस्‍या है गिरोहों में शामिल होना, अध्‍यापन विधियां, स्‍कूल विषयों और व्‍यवसायों के चयन की समस्‍या
748. अन्‍धे बालकों को शिक्षण दिया जाता है ब्रैल प‍द्धति द्वारा
749. निम्‍नलिखित में समस्‍यात्‍मक बालककौन है चोरी करने वाले बालक
750. ब्रोन फ्रेन बेनर ने समाजमिति विधि किस तथ्‍य का विवरण एवं मूल्‍यांकन माना है सामाजिक स्थिति, सामाजिक ढांचासामाजिक चेष्‍टा

751. जेविंग्‍स के अनुसार समाजमिति विधि है सामाजिक ढांचे की सरलतम प्रस्‍तुति, सामाजिक ढांचे की रेखीय प्रस्‍तुति
752. समाजमिति विधि में तथ्‍यों के प्रस्‍तुतीकरण एवं व्‍यवस्‍था के लिये प्रयोग की जाने वाली पद्धति है समाज चित्र, समाज सारणी
753. बालकों के समस्‍यात्‍मक व्‍यवहार का कारण नहीं है मनोरंजन की सुविधा
754. समाजमिति विधि के जन्‍मदाता है मौरेनो
755. Who Shall Sevive पुस्‍तक के लेखक हैं मौरेनो
756. वी.वी.अकोलकर के अनुसार सामाजिक प्रविधि है समूह की संरचना की अध्‍ययन प्रविधि,समूह का स्‍तर मापने की प्रविधि
757. रेटिंग एंगल एवं प्रश्‍नावली किस प्रविधि से सम्‍बन्धित है मूल्‍यांकन विधि से
758. व्‍यक्ति अध्‍ययन विधि में प्रमुख भूमिका होती है सूचना की
759. ”व्‍यक्ति अध्‍ययन विधि का मुख्‍य उद्देश्‍य किसी कारण का निदान है। यह कथन है क्रो एण्‍ड क्रो
760. ‘एक बालक प्रतिदिन कक्षा से भाग जाता है। वह बालक है पिछड़ा बालक
761. व्‍यक्ति अध्‍ययन विधि में किस प्रकार की सूचनाओं की आवश्‍यकता होती है पारिवारिक,सामाजिक, सामान्‍य एवं शारीरिक
762. प्रतिभाशाली बालकों की शिक्षण विधि है गतिवर्द्धन, सम्‍पन्‍नीकरण, विशिष्‍ट कक्षाएं
763. निम्‍न में से पलायनशीलता के कारण हैं कल्‍पना की अधिकता, कुसमायोजन, दोषपूर्ण शिक्षण पद्धति
764. ”बालकों में सृजनाशीलता के विकास हेतु सकारात्‍मक अभिवृत्ति के निर्माण में विद्यालय 765. की महत्‍वपूर्ण भूमिका है। उक्‍त कथन है डॉ. एस. एस. चौहान का
766. विद्यालयों में तीव्र एवं मन्‍द-बुद्धि बालकों के लिए निम्‍न में से शैक्षणिक व्‍यवस्‍था होनी चाहिए अवसर की समानता, पाठ्यक्रम में समृद्धि, अहमन्‍यता को रोकना
767. ”सृजनात्‍मक से आशय पूर्ण अथवा आंशिक रूप से तीन वस्‍तु के उत्‍पादन से है। उक्‍त कथन है रूसो का
768. विशिष्‍ट बालक में प्रमुख विशेषता है साधारण बालकों से भिन्‍न गुण एवं व्‍यवहार वाला बालक
769. प्रतिभाशाली बालक की विशेषता है तर्क, स्‍मृति, कल्‍पना, आदि मानसिक तत्‍वों का विकास। उदार एवं हॅसमुख प्रवृत्ति के होते है, दूसरों का सम्‍मान करते हैं, चिढ़ाते नहीं हैं
770. विशिष्‍ट बालकों की श्रेणी में आते हैं केवल प्रतिभाशाली बालक, पिछड़े बालक, समस्‍यात्‍मक बालक
771.”एक व्‍यक्ति जिसमें कोई इस प्रकार का शारीरिक दोष होता है जो किसी भी रूप में उसे सामान्‍य क्रियाओं में भाग लेने से रोकता है या उसे सीमित रखता है, उसको हम विकलांग कह सकते हैं। यह कथन है क्रो एवं क्रो का
772.”प्रतिभाशाली बालक 80 प्रतिशत धैर्य नहीं खोते, 96 प्रतिशत अनुशासित होते हैं तथा 58 प्रतिशत मित्र बनाने की इच्‍छा रखते हैं। यह कथन है विटी का
773. समस्‍यात्‍मक बालकों की शिक्षा के समय निम्‍न बातें ध्‍यान में रखनी चाहिए बालकों को मनोरंजन के उचित अवसर दिये जाएं। शिक्षकों का मधुर व सहायोगात्‍मक व्‍यवहार
774. ‘Survey of the Education of Gifted Children’ नामक पुस्‍तक लिखी है हैविंगहर्स्‍ट ने
775. ‘The Causes and Treatment of Backwardness’ नामक पुस्‍तक लिखी है बर्ट ने
776. प्रतिभाशाली बच्‍चों की पहचान की जा सकती है विधिवत अवलोकन द्वारा, प्रमापीकृत परीक्षणों द्वारा
777. ‘Introduction of Psychology’ नामक पुस्‍तक लिखी है हिलगार्ड व अटकिंसन ने
778. प्रतिभाशाली बालकों को कहा जाता है श्रेष्‍ठ बालक, तीव्र सीखने वाले, निपुण बालक
779. जिस सहानुभूति में क्रियाशीलता होती है, वह है निष्क्रिय

Psychology Notes in Hindi

780. बालक को सामाजिक व्‍यवहार की शिक्षा दी जा सकती है शारीरिक गतियों से
781.”निर्देशन वह सहायता है जो एक व्‍यक्ति द्वारा दूसरे व्‍यक्ति को विकल्‍प चुनने एवं समायोजन प्राप्‍त करने तथा समस्‍या हल करने के लिए दी जाती है।उक्‍त कथन है जोन्‍स का
782. दूसरे व्‍यक्तियों में संवेग देखकर हम उसका करने लगते है घृणा
783. निष्क्रिय सहानुभूति होती है मौखिक व कृत्रिम
784. प्रतिभावान बालकों की पहचान करने के लिए हमें सबसे अधिक महत्‍व वस्‍तुनिष्‍ठ परीक्षणों को देना चाहिए।
785. ”कक्षा में जो सम्‍बन्‍धों के प्रतिमान अथवा समूह परिस्थिति होती है वह सीखने पर प्रभाव डालती है।उक्‍त कथन है बोवार्ड का
786.”कक्षा-शिक्षण में जो सबसे महत्‍वपूर्ण प्रभाव हैं; वह दूसरों के साथ अन्‍त:क्रिया करना है।उक्‍त कथन है रिट का
787. निम्‍न में से निर्देशन दिया जा सकता है अध्‍यापक को, डॉक्‍टरों को छात्रों को
788.”ऐसे व्‍यक्ति जिनमें ऐसा शारीरिक दोष होता है जो किसी भी रूप में उसे साधारण क्रियाओं में भाग लेने से रोकता है या उसे सीमित रखता है, ऐसे व्‍यक्ति को हम विकलांग व्‍यक्ति कह सकते हैं।उक्‍त कथन है क्रो एवं क्रो का
789. जो निर्देशन एक व्‍यक्ति को उसकी व्‍यावसायिक तथा जीविका में उननति सम्‍बन्‍धी समस्‍याओं को हल करने के लिए उसकी व्‍यक्तिगत विशेषताओं को उसके जीविका सम्‍बन्‍धी अवसरों के सम्‍बन्‍ध में ध्‍यान रखते हुए दिया जाता है, वह कहलाता है व्‍यावसायिक निर्देशन
790. ”प्रभावशाली बालक वे होते हैं जिनका नाड़ी संस्‍थान श्रेष्‍ठ होता है।उक्‍त कथन है सिम्‍पसन का, तयूकिंग का
791. गम्‍भीर मन्दितमना वाले बालकों की शिक्षा-लब्धि होती है – 19 से कम
792. सृजनात्‍मक बालक की प्रकृति होती है सृजनात्‍मक बालक सदैव सफलता की ओर उन्‍मुख रहते हैं।
793. मन्‍दगति से सीखने वाले बालकों की शिक्षा के लिए क्‍या कदम उठाना चाहिए आवासीय विद्यालय, विशेष विद्यालय, विशेष कक्षा
794. ”विशिष्‍ट बालक वह है जो मानसिक, शारीरिक व सामाजिक विशेषताओं से युक्‍त होते हैं”, उक्‍त कथन है क्रिक का
795. बालापराध का कारण दूषित वातावरण भी होता है। दूषित वातावरण से आशय है वेश्‍यालय, शराबखाना, जुआघर
796. निम्‍न में से पिछड़े बालक की समस्‍या है स्‍कूल सम्‍ब‍न्‍धी समस्‍याएं, संवेगात्‍मक समस्‍याएं, सामाजिक समस्‍याएं
797. शारीरिक रूप से अक्षम बालकों को किस श्रेणी में रखते हैं विकलांग
798. ”प्रतिभाशाली बालक शारीरिक गठन, सामाजिक समायोजन, व्‍यक्तित्‍व के गुणों, विद्यालय उपलब्धि, खेल की सूचनाओं और रुचियों की विविधता में औसत बालकों से श्रेष्‍ठ होते हैं। यह कथन है टरमन एवं ओडम का
799. निम्‍नलिखित में कौन-सा तथ्‍य सांख्यिाकीय विधि से सम्‍बन्धित है संकलन, वर्गीकरण,विश्‍लेषण
800. टरमन के अनुसार प्रतिभाशाली बालक की बुद्धि-लब्धि कितने से अधिक होती है – 140
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